
जंघई।विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी ऊं रामलीला नाटक मंडल पड़री बरेस्ता कलां गांव में अविवाहित कलाकारों द्वारा रामलीला मंचन किया जा रहा है पांचवें दिन लक्ष्मण शक्ति का मंचन किया गया। रामलीला मंचन में सह संयोजक प्रवासी प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र राकेश धर दुबे चनेथू ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रभु श्री राम हिंदू धर्म के सबसे पूज्यनीय देवताओं में से एक हैं, जो हिंदू धर्म में कर्तव्य, सम्मान, प्रेम, करुणा, और मर्यादा के प्रतीक हैं। उन्हें भगवान विष्णु का सातवां अवतार माना जाता है, और उनके जीवन और गुणों की शिक्षाएँ आज भी लाखों लोगों को ईमानदारी और धार्मिकता के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करती हैं। प्रभु राम को मर्यादा पुरुषोत्तम भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है वह व्यक्ति जिसने सभी मर्यादाओं का पालन किया। वे विनम्रता, क्षमा, धैर्य, त्याग, और पराक्रम का सर्वोत्तम उदाहरण हैं। अविवाहित कलाकारों द्वारा भव्य रामलीला की प्रस्तुति दी जा रही है। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष भाजपा श्याम बिहारी पांडेय, महामंत्री हरिभूषण सिंह, संचालक अजीत पांडेय, गरुण पांडेय, आलोक पांडेय, शिवराम बिंद, विनय दुबे, गुड्डू मिश्रा सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।









